Monday, January 05, 2009

नौकरी चाहिये तो हिन्दी पढ़ो


क्या आप जानते हैं महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री की नौकरी जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता आर.आर. पाटील इन दिनों क्या कर रहे हैं? इन दिनों वे अपनी हिन्दी सुधारने लगे हैं। आबा के नाम से मशहूर श्री पाटिल को मलाल है कि उनकी हिन्दी अच्छी नहीं होने के कारण उनके बयानों को गलत संदर्भ में लिया गया जिससे उनकी नौकरी चली गई। मतलब ये कि उन्होंने जो कुछ भी ग़लत हिन्दी में कहा उसका मतलब कुछ और था। (अब चलिये मतलब आप हिन्दी सीखकर कभी समझा दीजियेगा।)

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8 comments:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

शशि भइया,क्या हो गया था ब्लागर मीट शायद बदहजमी पैदा कर गयी थी या कुछ अलग हो गया था बड़े दिनों तक गायब रहे इस पन्ने से???
जब मैं अभय भाई से मिला था तब वे क्लीन शेव्ड हमारी उम्र के से प्रतीत होते थे इस बार के भाई तो प्रौढ़ से दिखने लगे हैं उनकी दाढ़ी के कारण..... बड़े प्यारे लगे अभय भाई उस मुलाकात में... मुखौटों से परे.....

'Yuva' said...

आपकी रचनाधर्मिता का कायल हूँ. कभी हमारे सामूहिक प्रयास 'युवा' को भी देखें और अपनी प्रतिक्रिया देकर हमें प्रोत्साहित करें !!

A. Rohman said...

good Stop dreaming start action

Henri said...

इस ब्लॉग पर जाएँ:
http://lusasportsemgeral.blogspot.com/

Guardi said...

मेरी सुंदर वॉलपेपर az

Rahul said...

Tanhayian jaane lagi zindagi muskurane lagi,
Naa din ka pata hai naa raat kaa pata.
Aap ki dosti ki khushboo hume mehkaane lagi,
Ek pal to karib aa jao dhadkan bhi awaaz lagane lagi..

madho das said...

पुरा ब्लाग नही मिल रहा जी NOT FOUND लिक्खा आ रहा है

Sumir Sharma said...

Dear Shashi Singh,

Happy New Year 2018.

Allow me to remind you that far back in 2005, we communicated through my blog Sumir Hindi Main. You helped me to blog correctly in Hindi along with some other bloggers.

I am here to share an information that I have packed all those conversations into a book and published it as a story book in epub format on amazon. My Hindi blog was an experiment and in which you, e-swami, Manunad Singh et all helped me. This epub is also an experiment.

In my preface to that book, I have tried to recollect all that help extended to me by all of you and thereby developed an introductory letter to that book. It is all in Hindi. It forms a part of that book. The title of book is Ek Kanahni Kuch Kavitayan

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Regards
sumir