भारतीय फुटबॉल में तो कभी कुछ ऐसा नहीं रहा जो हमें आकर्षित करे मगर एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन की हिन्दी में जारी ये आधिकारिक वेबसाइट देखकर दिल गार्डेन-गार्डेन हो गया. आप भी देखिये... एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन
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Anonymous
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मैं शशि सिंह. दोस्तों और पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों को पत्र लिखते-लिखते कब पत्रकार बन गया मालूम ही नहीं पड़ा. लेखनी ने टेलीविजन पर मायावी दुनिया गढ़ने से लेकर पत्रकारिता में दुनिया की हकीकत बयां करने तक का सफर तय किया है. पत्रकारिता की मुख्यधारा छूट चुकी है लेकिन न तो मीडिया से नाता टूटा है और न ही खुद को पत्रकार कहना छोड़ा है. इन दिनों मुम्बई में एक बड़ी मीडिया कंपनी में मैनेजरी कर रहा हूं. यहां अपनी भूमिका न्यू मीडिया के क्षेत्र में कंपनी की उम्मीदों को परवान चढ़ाने की है. कर्मभूमि मुम्बई है लेकिन जड़े झारखंड के कोयला खदानों से होती हुई बिहार में सरयू नदी के तीर तक जाती है. भोजपुरी व हिंदी मेरी कमजोरी… न… न… मेरी ताकत हैं. बच्चे मुझे बेहद पसंद हैं. उनकी एक मुस्कान मेरे लिए भारी से भारी तनाव में रामवाण साबित होता है. शायद भगवान ने इसीलिए एक प्यारे से बेटे वेदांत का बाप बना दिया है. घर में वेदांत की मां, मेरे माता-पिता और दो छोटे भाई हैं. बस हो गया यार… अब और क्या जानना चाहते हो? मेरे बारे में ज्यादा जानना हो या मुझसे बतियाना हो तो आप मुझे ई-मेल कर सकते हैं. मुझे अच्छा लगेगा.
2 comments:
sahii kahaa aapne. halaa.nki yeh merii samajh me.n nahii.n aayaa ki "anukoolan upadeshak" kyaa balaa hai.n.
kripayaa mere blog par kabhii aayiye.
kavyakala.blogspot.com
laxminarayan gupta
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