Monday, October 24, 2005

चांद बिक गया

चांद बिक गया
अब तो आशिकों की आफ़त आई समझो... ग़लती से भी कहीं माशूका के सामने कह दिया कि 'मेरी जान! तुम कहो तो तुम्हारे लिए चांद तोड़ लाऊं', तो समझो मियां आप तो फंसे.
बच्चों की लोरी से लेकर आशिकों की शायरी तक में चांद की रुमानियत को पाना हसीन ख़्वाब रहा है. लेकिन अब शायद ऐसा न रहे... क्योंकि चांद का काफी हिस्सा बिक गया है. जो बचा है उसकी भी दुकान सजी है. हां यह बात दीगर है कि खरीदने जाओ तो धरती पर अपना घर-द्वार बेचना पड़ जाये.

4 comments:

Kanishk | कनिष्क said...

भई, जब धरती बिकती है, इंसान बिकता है, ईमान बिकता है, तो भला चाँद क्यों पीछे रहता ?
आखिर वो भी तो उसी का बनाया हुआ है, जिसके बाकी सब हैं।

sumir said...

Shashi,
Chanda Mama.

It means Mamu bik gaya.

Main to pahelai hi apni patni se kehta raha ki sala bikao hai. Use padhata hoon. Ladai hoti hai to hoti rahi.

Ab tokh kar kahon ka, Arye beta tera mamu to bik kaya. Sala sahib to the hi ayse. Sala hai hi bikao.

Sala Mamy bik gya.

Vaisay gajab bohat dhata tha.

Sala bachpan me
mama dikhai deta tha
Jawani main Sanam najar atta tha.

Acha hua ki pata chal gaya kai cheh bik gaya.

Anonymous said...

Well well well,

By the way,

What is the meaning of Shahi????

Anonymous said...

is u want to know the meaning of shahi then u have to think about it that is shahi is the caste of nepal and they aren't the indo-aryan ,