
अभी-अभी मैं एनिमेशन फिल्म हनुमान देखकर आ रहा हूं. मजा आ गया. फिल्म की पूरी टीम बधाई की पात्र है. ऐसे प्रयासों को देखकर अब यकीन हो चला है कि बॉलीवुड में अभी जिने की तमन्ना बाकी है.
इस फिल्म की तीन बातों के लिए तारीफ करनी होगी:
1. उच्च तकनीक का बेहतर इस्तेमाल
2. पश्चिम की नकल न करके अपने पौराणिक कथावस्तु की क्षमता में यकीन
3. हनुमान के बाल रूप का बेहतर चित्रण
संगीत और संवाद वगैराह भी अच्छे रहे.
कुल मिलाकर हनुमान एक साहसिक प्रयास है जो बॉलीवुड की तरफ से कुछ नया नहीं मिलने की शिकायत करने वालों को जरूर पसंद आयेगा. , पता नहीं बजरंगबली बॉक्स ऑफिस पर अपनी ताकत दिखा पायेंगे या नहीं पर इस फिल्म ने मुझे बेहद प्रभावित किया है. उम्मीद है आपको भी पसंद आयेग़ी. पर एक मिनट रूकिए... भाभीजी और बच्चों को साथ ले जाना मत भूलिएगा.
Sunday, October 23, 2005
हनुमान बने बॉलीवुड के संकटमोचन
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