Thursday, July 07, 2005

ये है हमारी गुजरात पुलिस


शर्म इनको मगर नहीं आती...

पूरा किस्सा यहां पर

3 comments:

आशीष said...

सही में ये शर्म की बात है। ये अधिकारी कौन से हीरे मोती में जड़े हैं या कौन से इनके हाथ पैर टूट गये हैं जो इनको पानी से खुद निकलने में शर्म आ रही है। शर्म आनी चाहिये अपने नीचे के लोगों से इस तरह का काम करवाते। नीच हैं ये सब के सब अधिकारी चाहे वो गुजरात हो या महाराष्ट्र या तमिलनाडु।

eSwami said...

हे प्रभू उठा ले .. मुझे नही, इन्हें!

Tarun said...

Uppar wala inhe thora aur uppar utha leta jehan se ye wapas na aa paate....